रिपोर्ट : राहुल बहल
जौनसार बावर की जनता को पिछले 50 सालों से नासूर की तरह सता रहे डेंजर प्वाइंट जजरेट से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। जौनसार बावर की लाइफ़ लाइन कहे जाने वाले कालसी चकराता मुख्य मार्ग के डेंजर प्वाइंट जजरेड का 45 करोड़ रुपये की लागत से अब स्लोप स्टेबलाइजेशन ट्रीटमेंट किया जायेगा।
बरसात में यहाँ होने वाले लगातार भूस्खलन का अब स्थाई समाधान होना सुनिश्चित लग रहा है। जजरेट पहाड़ी के उपचार के लिये करोड़ों रुपए खर्च किये गये लेकिन समस्या आज भी जस की तस खड़ी है। राजनैतिक स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए 5 वर्षों से पुल निर्माण एंव एवलांच गैलरी के विकल्प को लेकर योजनाएं बनाई जा रही हैं लेकिन दुर्भाग्य से कुछ हो नहीं पाया। बरसात में यहाँ कई कई घंटे कई कई दिनों तक भूस्खलन होने की वजह से ये मार्ग बंद रहता है जिससे जौनसार बावर की पूरी व्यवस्था ही चौपट हो जाती है, इतना ही नहीं कई मौको पर यहाँ हुए हादसो में लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है, लेकिन लंबे इंतजार के बाद अब यहाँ पहाड़ का स्लोप स्टेबलाइजेशन ट्रीटमेंट किया जाएगा इसके लिए करीब दो वर्ष का समय लगेगा। जिसकी लागत लगभग 45 करोड रुपे रहेगी जिसकी डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी, मामले में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के कार्यालय में जजरेड को दुरुस्त करने के लेकर टिएचडीसीआइएल के अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया जिसमे जजरेड की समस्या के समाधान के लिए सभी पहलुओं पर बारीकी से विचार विमर्श किया गया।
