रिपोर्ट : राहुल बहल
उत्तराखण्ड में स्थित भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की पौराणिकत में खलल
मदमहेश्वर घाटी में पैदा हो चुका हैं एक Gen-Z , जो सनातन के लिए निभा रहा अपना क्षत्रिय धर्म। बोले तृतीय केदार तुंगनाथ महादेव के पुरोहित अभिषेक मैठाणी
तृतीय केदार तुंगनाथ महादेव के पुरोहित अभिषेक मैठाणी ने बताया कि 22 अप्रैल को श्री तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने जा रहे हैं। लेकिन वन विभाग के द्वारा बेहद गैर जिम्मेदार तरीके से एक षड्यंत्र के तहत तीर्थ को नष्ट और भ्रष्ट किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा टैक्स लिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए उन्होंने कहा कि वन विभाग पर्यटन के नाम पर पैसे ले रहा है। उन्होंने कपाट खुलने से पहले मैराथन के आयोजन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शासन, प्रशासन, अधिकारी और माफिया अपने आप को केपी ओली ना समझें। क्योंकि मद महेश्वर घाटी में एक Gen-Z (अभिषेक पंवार) पैदा हो चुका है, जो सनातन के लिए अपना क्षत्रिय धर्म निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम हमारे तीर्थों की पौराणिकता को संरक्षित करने के लिये आरपार की लड़ाई लड़ेंगे चाहे उसके लिये किसी भी हद तक क्यों न जाना पड़े।